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Tuesday, 17 October 2017

कैसे देता है आपका शरीर विटामिन की कमी होने के संकेत

वैसे तो आपको अपना शरीर(body)  बड़ा ही चुस्त और दुरुस्त दिखाई देता है, लेकिन जब आपके शरीर(body)  में कुछ इम्पोर्टेन्ट(important)  विटामिन्स(vitamins)  की कमी होती है, तब आपका शरीर(body)  आपको इसके कुछ संकेत(indicator)  देने लगता है। अगर आप अपने शरीर(body)  से प्यार करते हैं तो इन विटामिन्स(vitamins)  के संकेत के प्रति हमेशा सतर्क(careful)  और सचेत(aware)  रहें।

यह भी पढ़ें :-कैसे रहें विटामिन के प्रति सतर्क और सचेत

विटामिन्स की कमी शरीर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है। विशेषकर आजकल की फ़ूड लाइफ के चलते तो यह आम बात होती जा रही है । प्रोफेसर बताते  हैं, भले ही विटामिन्स की कमी से आपको कोई रोग न हो, लेकिन दैनिक जीवन के काम-काज में इसके कारन कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। क्योंकि विटामिन शरीर में सभी प्रकार की जैव रासायनिक प्रतिकिर्याओं के लिए सह-कारक है। हमारे शरीर को ठीक ठंग से काम करने के लिए विटामिन्स की बेहद ज़रूरत होती है। हमेशा साधारणतः विटामिन्स की कमी के संकेत के प्रति सचेत रहें और किसी भी प्रकार के विटामिन्स से होने वाली कमी को अनदेखा न करें, क्योंकि ऐसा करना आपके शरीर के लिए नुक्सान देह हो सकता है। अपने शरीर के प्रति हमेंशा सतर्क और सचेत रहें।
और अधिक जानने के लिए आगे पढ़ते रहिये ........
  

१. चहरे के कोनों में दरारें पड़ना   

  • यह नियमित (बी ३), राइबोफ्लेविन (बी २), और बी १२, आयरन, ज़िंक, और विटामिन बी की कमी होने का लक्षण हो सकते हैं।  
  • शाकाहारी लोगों में यह समस्या आम होती है।

उपाय:-    

  • इस समस्या से बचने लिए दाल, अंडा, मछली, ट्यूना, क्लेम, टमाटर, मूंगफली और  का सेवन भरपूर      मात्रा में करें।   

2. चेहरे पर लाल दाने होने या बालों का झड़ना 

  • यह समस्या अक्सर बायोटिन (बी 7 ) की कमी से होता है, जिसे हेयर विटामिन के नाम से भी जाना जाता है।  
  • जब आपका शरीर वसा में घुलनशील विटामिन (जैसे :- ए, डी, ई, और के आदि ) का भण्डारण कर रहा होता है, तो यह पानी में घुलनशील विटामिन बी को नहीं बचाता। 

उपाय :-   

  • इससे बचने के लिए पकाए हुए अंडे, सामन, ऐवकाडो, मशरूम, फूलगोभी, सोयाबीन, नट, रसभरी            और केले आदि का सेवन करना चाहिए।  
 

3. लाल व सफेद दाने होना 

  • ऐसा आमतौर पर आवश्यक फैटी एसिड, विटामिन ए और डी की कमी से होता है। 

उपाय :-

  • इससे बचने के लिए संतृप्त वसा और ट्रांस वसा का सेवन कम करना चाहिए। 
  • स्वस्थ वसा में वृद्धि करें। 
  • आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह लेने के बाद इसके लिए सपलेमेंट भी ले सकते हैं। 
  • अगर समस्या अधिक बढ़ जाती है, तो डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है। 

 4. हाथ, पैर आदि में झुनझुनी, चुभन और स्तब्ध होना 

  • यह समस्या विटामिन बी (जैसे :-फोलेट बी 9, बी 6 और बी 12 ) की कमी के कारण होता है।  
  • यह परिधीय नसों, जहाँ वह ख़तम होती हैं, वहां से सम्बंधित एक समस्या होती है। 
  • इन लक्षणों के साथ चिंता, अवसाद,एनीमिया,थकान और हार्मोन्स का असंतुलन भी देखा जा सकता है।

उपाय :- 

  • इससे बचने के लिए पालक, शतावरी, बीट, सेम, अंडे आदि के सेवन करना चाहिए।  

5. मांसपेशियों में ऐंठन होना 

  • इस प्रकार की समस्या होने पर, पैरों की उँगलियों में दर्द, पैरों की मेराब में दर्द, पैरों में पीछे की और दर्द व ऐंठन होना शुरू हो जाता है। 
  • यह मैग्नीशियम,कैल्सियम, और पोटेशियम आदि की कमी के कारण होता है। 

उपाय :-

  • इससे बचने के लिए कल, बादाम, अखरोट,स्क्वैश, चेरी, सेब, अंगूर एवं ब्रोकली आदि का सेवन करना चाहिए।       

6. मसूड़ों की बीमारियां होना 

  • मसूड़ों की बीमारी किसी को भी, किसी भी उम्र में हो सकती है। 
  • लेकिन 35 वर्ष की उम्र के बाद मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। 
  • अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो तो इस उम्र मर 4 में से 3 लोग इस समस्या से पीड़ित होते हैं। 

उपाय :-

  • इससे बचने के लिए प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम प्रोटीन और विटामिन लेना चाहिए। 
  • प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम प्रोटीन और विटामिन लेने से मसूड़ों की समस्या काम होती है।  

7. मल्टीपल स्क्लेरोसिस होना 

  • जिन लोगों में विटामिन्स की एमी होती है, उन्हें मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने का खतरा अधिक रहता है। 
  • कनाडा में हुए एक शोध के अनुसार सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एम.एस.) को रोकता है। 
  • इस प्रकार की समस्या में शरीर के अंग या टिश्यू कठोर हो जाते है। 
  • इस अध्य्यन की रिपोर्ट मांट्रियल में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर आयोजित एक सम्मलेन में प्रस्तुत की गयी थी। 

उपाय :-

  • इस प्रकार की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त  धुप लेनी चाहिए। 
  • समस्या अगर अधिक हो तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

  8. शिशुओं की मांशपेशियों में मरोड़ और सांस लेने में परेशानी होना 

  • शिशुओं में विटामिन डी की कमी होने पर मांसपेशियों में मरोड़, साँस लेने में परेशानी तथा दौरे आने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। 
  • उनके शरीर में कैल्शियम की कमी भी हो जाती है। 
  • साँस लेने में परेशानी होने की वजह से बच्चे की पसलियां नर्म रह जाती है जिसकी वजह से आस-पास की पसलियां भी कमजोर हो जाती है। 

उपाय :-

  • इस प्रकार की समस्या होने पर जल्द से जल्द बच्चों के डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। 

सलाह :-

अगर आपको अपने शरीर में किसी भी प्रकार का कोई भी परिवर्तन दिखाई दे या परेशानी महसूस हो, तो इसे अनदेख ना करें। हमेशा उसकी वजह को जानने की कोशिश करें। समझ न आने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लें। 

चेतावनी :-

किसी भी रोग के बारे में कम ज्ञान होने पर उसमे अपने नुस्खे ना आजमाएं , क्योंकि ऐसा करना जोखिम भरा सिद्ध हो सकता है।

जरुरी बात :-

  • अगर आप को इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल जवाब करना हो या आप कोई जानकारी हमारे साथ शेयर करना चाहते हों या फिर आप किसी और टॉपिक पर जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो कृपया हमें कमेंट करें। 
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